इंट्रा-डे ट्रेडिंग के लिये बेहतरिन 7 टिप्स और ट्रिक्स जाने हिंदी में | Intraday Trading Kaise Kare 7 Tips in hindi

Intraday Trading kaise kare in Hindi

Intraday Trading Kaise Kare उसके 7 टिप्स

दोस्तों, बात शेअर मार्केट की हो और Intraday कि चर्चा ना हो ऐसा हो सकता है क्या? इंट्राडे ट्रेडिंग दिखने में जितनी आसान दिखती है उतनी ही पेचीदा होती हैं.Intraday Trading Kaise kare इसीलिए आपके पैसे को सेफ रखने के लिये और उसे बढ़ाने के लिये हम आपके लिये Intraday Trading के नुस्खे बतायेंगे जिसे अगर आप समझते हैं तो बड़े आसानी से और विचारपुर्वक आप इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते हों.
इंट्राडे ट्रेडिंग वहीं कर सकता है जो शेअर मार्कट का गणित समजता हैैं.आपने अभी अभी शेअर मार्केट पे आई सोनी कि वेबसेरिज देखी ही होगी जिसका नाम था स्कैम 1992 जो की भारत के सबसे बढे स्कैंम हर्षित मेहता पर बनी थी इसमें एक डायलॉग है जो कि देखा जाये तो इसमें बहुत सच्चाई हैं वह डाॅयलाॅग यह था कि शेअर मार्केट इतना बढ़ कुआं है कि हर एक कि प्यास बुझा सकता हैं, हालाकी यह सच भी लेकिन बिना नाॅलेज के यह आपको डुबा भी सकती हैं.

इससे पहले हमने आपको शेअर मार्केट के आधारित बहुत से विषय थे जिनके बारे में पुरे विस्तार से बताया है यह भी आप पढ़ सकते हैं.

    इंट्रा-डे ट्रेडिंग क्या होती हैं?

    अगर हम किसी Stock को आज के दिन ही खरिदते है और आज के दिन हि बेचते हैं तो इस इंट्रा-डे कहते हैं.
    अगर आपने उसे बेचा नहीं तो भी ऑटोमैटिक वह स्केअर अप यानी एक्सिट हो जाता हैं जैसे ही ट्रेंडिंग का समय खत्म होता हैं.
    इंट्रा-डे में आपको कम पैसों में ज्यादा शेअर खरिदने मिलते हैं यानी ज्यादा नफा और इसका उल्टा ज्यादा रिस्क भी, कुछ भी हो जाये आपको नुकसान हो या फायदा वह दिन के आखिर में पता लग ही जायेंगा.

    अगर आप इंट्राडे करते हैं तो हम कुछ टिप्स और ट्रिक्स आपको बताने जा रहे हैं.

    इंट्रा-डे ट्रेडिंग करने के 7 टिप्स और ट्रिक्स:

    1. ओवर ट्रेडिंग से दुर रहें

    यह सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक बात है अगर आप नये नये स्टाॅक मार्केट में आहे हो तो क्योंकि ज्यादातर लोग इसी कारण नुकसान में रहते हैं.
    ओवर ट्रेडिंग मतलब जादा ट्रेंड लेना और अपने रिस्क को बढाना.
    जब हम इंट्रा-डे करना चाहते हैं तो पहले ही यह फिक्स करले कि आप कितने ट्रेंड ज्यादा से ज्यादा लेंगे इससे होगा ये कि आपका कॅपिटल बच जायेगा और आप अगले दिन ट्रेंड ले पायेंगे.
    ज्यादातर लोग अगर थोड़े लाॅस में जाते हैं तो उसको रिकव्हर करने के लिये बादमें फिर बिना सोचे समझे ट्रेंड में घुस जाते हैं और ज्यादा नुकसान कर बैठते हैं.
    एक बाद हमेशा याद रखिये जिस दिन मार्केट आपके ऍनालायसिस में मेल खायेगा तब आपको प्रोफिट होना तय है लेकिन जबरदस्ती ट्रेंड ना लें इससे गलती होने कि जादा चान्सेस हो जाते हैं.

    2. चुनिंदा स्टेटर्जी पर काम करें
    इंट्रा-डे में यह छोटी छोटी बातें ही हिरो या जेरो बना देती हैं. बहुत से लोग ज्यादातर नये नये मार्केट में पैर रखनेवाले किसी स्टॅटर्जी को सुनते हैं या देखते हैं और उसी पे ट्रेंड करना चालु कर देते हैं थोड़े दिन उससे प्रोफिट भी मिलता हैं लेकिन एक दिन ऐसा आता है की यह काम नहीं करता तो उसे छोड़कर दुसरे स्टेटर्जी को ढुढने लग जाते हैंं, और वह भी किसी दिन नहीं चलती तो और कोई तिसरी स्टॅटर्जी,ऐसे में आपको लाॅस होना तय हैं क्योंकी कोई भी कितनी भी अच्छी स्टॅटर्जी हो वह १०० प्रतिशत कभी नहीं वर्क करेगी इसलिये चुनिंदा स्टेटर्जी पर ही काम करें भले एक दो दिन के लिये नुकसान हो लेकिन महिने के आखिर में या साल के एंड में आप उसे सही तरिके से फोलो करते हो तो आप फायदे में ही रहोगें.

    3. स्टाॅपलाॅस लगाने कि आदत डालें

    कितना भी आपको Confidence हो कि शेअर प्राइस आपके डायरेक्शन में जायेंगी लेकिन स्टाॅपलाॅस लगाना ना भुले क्योंकी किसी एक न्युज से या ज्यादा सेलर आने से कई बार एक ही केंडल में प्राइस गलत डायरेक्शन में जाता है इससे हमारा ज्यादा नुकसान हो सकता हैं इसलिये स्टाॅपलाॅस लगाने कि आदत हमेशा डाले.
    टार्गेट सेट करना इतना महत्वपूर्ण नहीं है लेकिन एक ट्रेंड में हमारा ज्यादा से ज्यादा कितना नुक्सान हम सह सकते उतना ही स्टाॅपलास आपका होना चाहिये और उसके हिसाब से आपको ट्रेंड में उतरना चाहियें.
    अगर रिस्क को सही से हम मैनेज करना हम सिख गये तो‌ नुकसान होना नामुमकिन हैं.

    4. ट्रेंड लेने से पहले एनालायसिस करें ट्रेंड लेने के बाद नहीं
    जितना रिसर्च करना है वह ट्रेंड लेने से पहले करें बाद में या तो आपका स्टाॅपलाॅस हिट होना चाहिये या तो टार्गेट , कई लोग ट्रेंड में इंट्री लेने के बाद उसकी एनालिसिस करने बैठ जाते हैं और वह स्टाॅक प्राॅफिट भी दे रहा होगा तो भी आखिरी तक हम गलत स्टॅटर्जी से बाहर निकल जाते हैं और नुकसान कर बैठते हैं , एक बार अगर ट्रेंड ले लेते हैं तो एक तो स्टाॅपलाॅस हिट करना चाहिये या तो आपका टार्गेट बिच में एनालिसिस करना बैठना गलत बात हैं.
    अगर आप इमोशन नहीं कंट्रोल कर सकते तो कुछ भी नहीं प्रोफिट क्या पायेंगे.

    5. इंट्रा-डे में टेक्निकल एनालाइसेस कि समझ होना जरुरी हैं

    इंट्रा-डे में फंडामेंटल एनालासिस कि ज्यादा  जरुरत नहीं होती लेकिन टेक्निकल एनालिसिस कि जानकारी होना बहुत जरुरी होती हैं. इंट्राडे में हम स्टाॅक को ज्यादा देर नहीं लेके करते इसलियें Fundamental Analysis ज्यादा मायने नहीं रखते लेकिन technical Analysis कि ज्यादा नाॅलेज होनी जरुरी है अगर आप Intraday Trading करना अथवा सिखना चाहतें हैं तो.

    6. कम स्टाॅक को रखें वाॅचलिस्ट में
    अगर आप सभी स्टाॅक की एनालायसिस करने बैठ जायेंगे तो यह नामुमकिन हैं की आपको फायदा होगा, लेकिन अगर आप कुछ 8 से 10 स्टाॅक पर हि ज्यादा ध्यान देकर उनमें ही ट्रेंड करने की सोचेंगे तो सही होगा क्योंकि अगर आप ज्यादा share पर ध्यान देंगे तो आप कन्फुज हो जायेंगे इसलिये जितना हो सके कम स्टाॅक्स को चुने इससे आप लक्ष ज्यादा देकर सही ट्रेंड लेनी कि प्रोबेबिलिटी को बढ़ा सकेंगे.
    अगर आप चुनिंदा ही स्टाॅक में ज्यादा समय ट्रेंड करते हो तो उसकी Moment का पता आपको लग जायेगा कि यह स्टाॅक कितना Volatile हैं कितना Movement दिनभर दे सकता है यह आपको बाद में Predict करना आसान जायेगा.

    7. पेड़ सब्सक्रिप्शन और न्युज के चक्करों में ना पड़ें

    नये लोग जो भी इंट्रा-डे करने आ जाते हैं वह ज्यादा प्रोफिट कमानें के चक्कर में आ जाते हैं जो कि शुरुवात में न्युज देखकर या पेंड सब्सक्रिप्शन को पैसे देकर आ जाते हैं लेकिन सच कहे तो जबतक आप खुद मार्केट को पुरी तरह से ना समझते  हो तब तक आप इसमे से किसी चक्कर में ना पड़ें क्योंकी पहले पहले देखने में यह काफी आसान लगता है लेकिन हम जब असली में इनके बताते ट्रेंड लेते हैं तो कई बार शुरवात में प्रोफिट होता भी है लेकिन ज्यादातर बार हम हमारा कॅपिटल भी बचा नहीं पाते.
    ऐसा नहीं है कि सभी पेड़ सब्सक्रिप्शन और न्युज गलत होती है लेकिन जब-तब आपको शेअर मार्केट कि नाॅलेज ना हो तब तब इंट्रा-डे के चक्कर में ना ही पड़ना बेहतर हैं.

    आपने क्या सीखा:

    इस आर्टिकल में हमने आज सीखा कि Intraday Trading Kaise Kare उसके टिप्स, इंट्रा-डे ट्रेंडिंग के लिये ऐसे कौन कौन से टिप्स और ट्रिक्स है और यह करते वक्त हमें कौन कौन सी बातों का ध्यान रखना होता है यह भी सभी देखना होगा तभी जाके हम इंट्रा-डे में प्रोफिट कर सकते हैं नहीं तो १०० में से ९५ प्रतिशत लोग नुकसान ही करते हैं अगर हम इंट्रा-डे कि बात करें.

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